माइग्रेन में किये जाने वाले घरेलु उपाय

माइग्रेन, एक ऐसी बीमारी जिसके मरीज दुनियाभर में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हमारे देश में भी इसकी तादाद बढ़ती जा रही है। सबसे बड़ा कारण है भागदौड़ की जिंदगी। जो तनाव से तो भरपूर है पर उससे मुक्त होने के लिए हम कोई उपाय नहीं करते। बस यही सारी वजहें धीरे-धीरे माइग्रेन के रुप में बदलने लगती हैं।

माना जाता है कि जैसे ही आप सामान्य स्थिति से एकदम तनाव भरे माहौल में पहुंचते हैं तो सबसे पहले आपका सिर दर्द बढ़ता है। ब्लडप्रेशर हाई होने लगता है और लगातार ऐसी स्थितियां आपके सामने बनने लगे तो समझिए आप माइग्रेन के शिकार हो रहे हैं।

 

माइग्रेन से बचने के उपाय (Ayurvedic tips for Migraine Pain)

1.संतुलित व पौष्टिक आहार का प्रयोग करें।

2.भोजन का समय तय कर समयनुसार भोजन करें।

3.किसी भी बात का तनाव न ले और सकारात्मक विचार बनाए रखें।

4.अपनी पूरी नींद ले।

5.थकान महसूस होने पर विश्राम करें।

6.हल्के हाथ से सर में मालिश करें।

7.खुद को व्यस्त रखें और ऐसे काम जिससे आपका मन संतुष्ट हो।

8.किसी भी तरह के विवाद और तनाव से बचें। किसी से घमंड न करें।

 

बीमारी होने पर आहार का रखें ध्यान (Diet in Migraine)

माइग्रेन की शिकायत होने पर रोगी को अपने खाने पीने का विशेष ख्याल रखना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार माइग्रेन के रोगी को अपने खाने में निम्नलिखित चीजों का प्रयोग करना चाहिए-

1.संतुलित व पौष्टिक आहार ही खाएं।

2.देशी घी (विशेष तौर पर गाय के घी) से बना पदार्थ जैसे मालपुआ, जलेबी, हलुआ आदि का आधिक प्रयोग करें।

3.देशी घी में चीनी मिलाकर खाने से माइग्रेन में आराम मिलता है।

4.माइग्रेन होने पर ताजे फल व हरी सब्जियों का बहुत ज्यादा प्रयोग करें।

5.पौष्टिक तत्वों के लिए दूध, दलिया व पनीर का बहुत अधिक प्रयोग करें।

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